Hydrogel क्या है? खेती में Upyog ,Fayde और सही Istemal की पूरी जानकारी

Hydrogel क्या है? खेती में Upyog ,Fayde  और सही Istemal  की पूरी जानकारी


आज के समय में खेती में पानी की कमी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। कई क्षेत्रों में बारिश कम होती है या सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होता। ऐसे में किसान ऐसी तकनीकों की तलाश करते हैं जो कम पानी में भी अच्छी पैदावार दे सकें। हाइड्रोजेल (Hydrogel) ऐसी ही एक आधुनिक कृषि तकनीक है जो मिट्टी में पानी को लंबे समय तक सुरक्षित रखती है और पौधों को धीरे-धीरे नमी प्रदान करती है।
हाइड्रोजेल का उपयोग करने से न केवल पानी की बचत होती है बल्कि फसलों की पैदावार भी बढ़ सकती है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि हाइड्रोजेल क्या है, यह कैसे काम करता है, इसके फायदे क्या हैं और खेती में इसका सही उपयोग कैसे करें।

हाइड्रोजेल क्या है?

हाइड्रोजेल एक सुपर एब्जॉर्बेंट पॉलिमर (Super Absorbent Polymer) होता है जो दिखने में छोटे-छोटे सफेद दानों जैसा होता है। यह चीनी या नमक के दानों जैसा दिखाई देता है लेकिन इसकी खासियत यह है कि यह अपने वजन से कई गुना अधिक पानी सोख सकता है।

आमतौर पर 1 किलो हाइड्रोजेल लगभग 300 से 400 लीटर पानी तक सोख सकता है। पानी सोखने के बाद यह जेल जैसी संरचना में बदल जाता है। यही कारण है कि इसे "पानी का भंडार" या "वाटर बैंक" भी कहा जाता है।

जब इसे मिट्टी में मिलाया जाता है तो यह पौधों की जड़ों के पास पानी को जमा करके रखता है और जरूरत पड़ने पर धीरे-धीरे पौधों को नमी प्रदान करता है। हाइड्रोजेल को मिट्टी में मिलाते समय कई बार हाथों में जलन या गंदगी हो सकती है। इसलिए मिट्टी के काम के दौरान गार्डनिंग ग्लव्स पहनना बेहतर रहता है। अगर आपके पास ग्लव्स नहीं हैं तो आप यहाँ से भी खरीद सकते हैं – Gardening Gloves Buy Link

हाइड्रोजेल कैसे काम करता है?

हाइड्रोजेल की कार्यप्रणाली बहुत ही सरल लेकिन प्रभावी होती है। कृषि विशेषज्ञों ICAR (Indian Council of Agricultural Research) के अनुसार हाइड्रोजेल तकनीक मिट्टी में नमी बनाए रखने में मदद करती है। 

1. पानी को सोखना

जब मिट्टी में हाइड्रोजेल मिलाया जाता है और सिंचाई की जाती है, तो यह आसपास का पानी सोखकर फूल जाता है और जेल बन जाता है।

 

2. पानी को संग्रहित करना

यह मिट्टी के अंदर पानी को लंबे समय तक सुरक्षित रखता है, जिससे मिट्टी जल्दी सूखती नहीं है।

 

3. पौधों को धीरे-धीरे पानी देना

जब मिट्टी सूखने लगती है या पौधों की जड़ों को पानी की जरूरत होती है, तब हाइड्रोजेल धीरे-धीरे पानी छोड़ता है।

इस प्रकार यह प्रक्रिया बार-बार चलती रहती है। जब भी पानी मिलता है, हाइड्रोजेल फिर से पानी सोख लेता है और जरूरत पड़ने पर पौधों को देता है।

 

Hydrogel क्या है? खेती में Upyog ,Fayde  और सही Istemal  की पूरी जानकारी

खेती में हाइड्रोजेल के फायदे

1. पानी की बचत

हाइड्रोजेल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह मिट्टी में पानी को लंबे समय तक बनाए रखता है। इससे सिंचाई की जरूरत कम हो जाती है और पानी की बचत होती है।

 

2. फसल की पैदावार में वृद्धि

कई कृषि शोधों के अनुसार हाइड्रोजेल के उपयोग से फसलों की पैदावार 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ सकती है क्योंकि पौधों को लगातार नमी मिलती रहती है।

 

3. खाद की बचत

हाइड्रोजेल पानी के साथ-साथ उसमें घुली हुई खाद जैसे यूरिया और डीएपी को भी अपने अंदर सोख लेता है। इससे खाद मिट्टी से बहकर नष्ट नहीं होती और पौधों को धीरे-धीरे मिलती रहती है।

 

4. सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए उपयोगी

जहां बारिश कम होती है या पानी की कमी रहती है, वहां हाइड्रोजेल किसानों के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकता है।

 

5. पौधों की बेहतर वृद्धि

लगातार नमी मिलने से पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं और पौधे तेजी से बढ़ते हैं।


हाइड्रोजेल का खेती में उपयोग कैसे करें?


हाइड्रोजेल का सही उपयोग करना बहुत जरूरी है ताकि इसका पूरा लाभ मिल सके।

1. गन्ना

गन्ने की खेती में लगभग 2 किलो हाइड्रोजेल प्रति एकड़ इस्तेमाल किया जाता है। इसे बुवाई के समय मिट्टी में मिलाया जाता है।

2. गेहूं और सरसों

अनाज वाली फसलों में लगभग 1 से 1.5 किलो प्रति एकड़ हाइड्रोजेल मिट्टी या रेत में मिलाकर खेत में डाल सकते हैं।

3. सब्जियां

सब्जियों की नर्सरी तैयार करते समय या रोपाई के समय हाइड्रोजेल को मिट्टी में मिलाया जाता है।

4. फलदार पेड़

फलदार पौधों के लिए 50 ग्राम से 100 ग्राम प्रति पौधा जड़ों के पास मिट्टी में मिलाया जा सकता है।

असली और नकली हाइड्रोजेल की पहचान

बाजार में कई प्रकार के हाइड्रोजेल उपलब्ध होते हैं, लेकिन सभी खेती के लिए सही नहीं होते।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार किसानों को हमेशा पोटेशियम पॉलीएक्रिलेट (Potassium Polyacrylate) आधारित हाइड्रोजेल ही खरीदना चाहिए।

सोडियम पॉलीएक्रिलेट (Sodium Polyacrylate) आमतौर पर डायपर और अन्य उत्पादों में इस्तेमाल होता है। इसे खेती में उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि यह मिट्टी को कठोर और कम उपजाऊ बना सकता है। भारत में पूसा हाइड्रोजेल को खेती के लिए काफी अच्छा माना जाता है।

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हाइड्रोजेल इस्तेमाल करते समय सावधानियां


हाइड्रोजेल का उपयोग करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

हाइड्रोजेल को हमेशा सूखे रूप में ही मिट्टी में मिलाएं।

इसे कभी भी सीधे पानी में घोलकर खेत में नहीं डालना चाहिए।

मिट्टी में डालने के बाद इसे अच्छी तरह मिट्टी से ढक दें।

बचा हुआ हाइड्रोजेल हमेशा एयरटाइट डिब्बे में रखें ताकि उसमें नमी न आए।

 

हाइड्रोजेल आधुनिक खेती की एक महत्वपूर्ण तकनीक है जो किसानों को पानी की कमी से निपटने में मदद करती है। यह मिट्टी में पानी को लंबे समय तक सुरक्षित रखता है और पौधों को धीरे-धीरे नमी देता है। इससे सिंचाई का खर्च कम होता है, खाद की बचत होती है और फसलों की पैदावार बढ़ सकती है।

यदि किसान सही प्रकार का हाइड्रोजेल चुनें और उसका सही तरीके से उपयोग करें, तो यह उनकी खेती के लिए बहुत लाभदायक साबित हो सकता है।

 

1. हाइड्रोजेल क्या होता है?

हाइड्रोजेल एक सुपर एब्जॉर्बेंट पॉलिमर है जो मिट्टी में पानी को सोखकर लंबे समय तक सुरक्षित रखता है और पौधों को धीरे-धीरे नमी प्रदान करता है।

 

2. 1 किलो हाइड्रोजेल कितना पानी सोख सकता है?

आमतौर पर 1 किलो हाइड्रोजेल लगभग 300 से 400 लीटर पानी सोख सकता है।

 

3. क्या हाइड्रोजेल सभी फसलों में इस्तेमाल किया जा सकता है?

हाँ, हाइड्रोजेल का उपयोग गन्ना, गेहूं, सरसों, सब्जियां और फलदार पेड़ों सहित कई फसलों में किया जा सकता है।

 

4. हाइड्रोजेल का मुख्य फायदा क्या है?

हाइड्रोजेल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पानी की बचत करता है और फसल की पैदावार बढ़ाने में मदद करता है।

 

5. खेती के लिए कौन सा हाइड्रोजेल सबसे अच्छा है?

खेती के लिए पोटेशियम पॉलीएक्रिलेट आधारित हाइड्रोजेल सबसे अच्छा माना जाता है।

 


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