krishi yantra naam aur upyog खेती में काम आने वाले प्रमुख कृषि यंत्र और उनका सही उपयोग

 

खेती में काम आने वाले प्रमुख कृषि यंत्र और उनका सही उपयोग किसानों के लिए पूरी जानकारी



कुछ साल पहले तक हमारे गांवों में खेती ज्यादातर बैलों और मेहनत के दम पर होती थी। सुबह से शाम तक खेत में काम करने के बाद भी काम पूरा नहीं होता था। लेकिन अब समय बदल चुका है। आज खेती में मशीनों का उपयोग बढ़ गया है, जिससे कम समय में ज्यादा काम और बेहतर उत्पादन मिल रहा है।

अगर कोई किसान आधुनिक कृषि यंत्रों को सही तरीके से समझ ले, तो उसकी मेहनत आधी और कमाई दोगुनी हो सकती है। आइए आसान भाषा में जानते हैं खेती में काम आने वाले मुख्य यंत्रों के बारे में।

 

ट्रैक्टर खेती की सबसे बड़ी ताकत

आज के समय में ट्रैक्टर को खेती की जान कहा जाए तो गलत नहीं होगा। पहले जहां जुताई में कई दिन लग जाते थे, वहीं ट्रैक्टर कुछ घंटों में काम पूरा कर देता है।

 

ट्रैक्टर

ट्रैक्टर से क्या-क्या काम होते हैं?

 

खेत की जुताई

बुवाई मशीन चलाना

ट्रॉली से अनाज या खाद ढुलाई

रोटावेटर, थ्रेशर और स्प्रेयर चलाना

छोटे किसानों के लिए कम हॉर्सपावर वाला ट्रैक्टर भी पर्याप्त होता है।

 

हल मिट्टी को नई जान देने वाला यंत्र

हल – मिट्टी को नई जान देने वाला यंत्र




हल खेती का सबसे पुराना लेकिन जरूरी यंत्र है। यह मिट्टी को पलटता है और नीचे की उपजाऊ मिट्टी ऊपर लाता है।

आजकल तीन प्रकार के हल ज्यादा चलन में हैं:

देशी हल

मोल्डबोर्ड हल

डिस्क हल

जुताई सही होगी तो फसल भी अच्छी होगी यह बात हर किसान जानता है।


PM Kisan Yojana

 

सीड ड्रिल सही दूरी पर सही बुवाई

सीड ड्रिल – सही दूरी पर सही बुवाई


 

पहले बीज हाथ से छिड़ककर बोए जाते थे, जिससे कहीं ज्यादा तो कहीं कम बीज गिरते थे। अब सीड ड्रिल मशीन से बीज एक समान दूरी और गहराई पर बोए जाते हैं।

इससे फायदा यह होता है कि:

बीज की बचत होती है

अंकुरण बराबर होता है

उत्पादन बढ़ता है

 

रोटावेटर खेत जल्दी तैयार करने की मशीन

रोटावेटर – खेत जल्दी तैयार करने की मशीन


रोटावेटर मिट्टी को बारीक और भुरभुरा बनाता है। खासकर गेहूं और सब्जी की खेती में यह बहुत काम आता है। यह खरपतवार भी काफी हद तक खत्म कर देता है।


हार्वेस्टर कटाई का तेज तरीका

हार्वेस्टर – कटाई का तेज तरीका


कटाई के समय मजदूर मिलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में हार्वेस्टर बहुत मदद करता है। यह एक ही समय में फसल काटता है, दाने अलग करता है और भूसा भी तैयार कर देता है। बड़े किसानों के लिए यह बहुत फायदेमंद है

 

थ्रेशर दाने अलग करने की मशीन

थ्रेशर – दाने अलग करने की मशीन


कटाई के बाद दाने निकालने के लिए थ्रेशर का उपयोग किया जाता है। गेहूं, चना और सोयाबीन जैसी फसलों में यह मशीन काफी उपयोगी है।

 

स्प्रेयर फसल की सुरक्षा का साधन

स्प्रेयर – फसल की सुरक्षा का साधन


फसल में कीट और रोग लगना आम बात है। स्प्रेयर की मदद से दवा और खाद का छिड़काव आसानी से किया जा सकता है।छोटे किसान बैटरी स्प्रेयर का उपयोग करते हैं, जबकि बड़े किसान ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर चलाते हैं।


Krishi Dron

 

 आधुनिक कृषि यंत्र क्यों जरूरी हैं?
 

आज खेती में लागत बढ़ रही है और मजदूर मिलना मुश्किल हो गया है। ऐसे में कृषि यंत्र:

समय बचाते हैं

मेहनत कम करते हैं

उत्पादन बढ़ाते हैं

खेती को लाभकारी बनाते हैं

सरकार भी कृषि यंत्रों पर सब्सिडी देती है, जिससे छोटे किसान भी इनका लाभ उठा सकते हैं।

 

अंतिम बात

 

खेती अब केवल मेहनत का काम नहीं, बल्कि समझदारी और तकनीक का भी काम है। जो किसान समय के साथ मशीनों को अपनाता है, वही आगे बढ़ता है।

 

यदि सही यंत्र का चुनाव सही समय पर किया जाए, तो खेती निश्चित रूप से फायदे का सौदा बन सकती है।

 

 

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